Monday, 11 November 2019

दरबार-ए-अशरफिया में मनाया गया ईद मिलाद अन नबी जश्न . . . . .

मखदूम अशरफ चैरिटेबल एजुकेशनल ट्रस्ट एवं दरबार-ए-अशरफिया ( शान ए हिंदुस्तान ) में मनाया गया ईद मिलाद अन नबी जश्न . . . . .
भारत समेत दुनिया के कई देशों में 10 नवंबर को ईद मिलाद-उन-नबी मनाया गया ! ईद मिलाद-उन-नबी का नाम सुनते ही मन में ये सवाल उठने लगता है कि ये कौन सी ईद है और मुसलमान साल में कितनी ईद मनाते हैं ! तो इसका जवाब ये है कि ईद का अर्थ होता है ख़ुशी यानी ईद मिलाद-उन-नबी का मतलब है नबी के जन्म की ख़ुशी ! नबी यानी इस्लाम के आख़िरी पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद (570-632). हज़रत मोहम्मद का जन्म सऊदी अरब के शहर मक्का में साल 570 ईस्वी में इस्लामिक वार्षिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल की 12वीं तारीख़ को हुआ था ! इस्लामिक कैलेंडर लूनर नियम पर आधारित है इसलिए इस्लामिक तारीख़ और अंग्रेज़ी तारीख़ अलग-अलग होती है ! इस बार 12 रबी-उल-अव्वल 10 नवंबर को है इसलिए रविवार को ईद मिलाद-उन-नबी मनाया जा रहा है ! मुसलमानों का विश्वास है कि अल्लाह ने अलग-अलग समय पर दुनिया के हर हिस्से में अपना संदेश देने के लिए अपने दूत भेजे हैं जिन्हें नबी या पैग़म्बर (पैग़ाम यानी संदेश देने वाला) कहा जाता है ! हज़रत मोहम्मद अल्लाह के भेजे गए आख़िरी दूत हैं !

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