Wednesday, 14 October 2026

देश की धरती, प्रकृति के नाम — बच्चों के हाथों से हरित भारत का निर्माण

 इंदौर। देशप्रेम केवल शब्दों और नारों तक सीमित नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि की रक्षा और उसके भविष्य को संवारने के प्रयासों में भी दिखाई देता है। इसी भावना को साकार करते हुए Kinderbuds School – संस्कारों की पाठशाला में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु सीड बॉल मेकिंग गतिविधि आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम का आयोजन और संचालन सामाजिक कार्यकर्ता राम पागारानी (Ram Paagarani) जी और विद्यालय की प्राचार्या डॉ. दीपीका हसीजा जी ने मिलकर किया। कार्यक्रम में डॉ. धीरज हसीजा जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और अपने प्रेरणादायक संबोधन के साथ गतिविधि का शुभारंभ किया।

इस दौरान 100 से अधिक बच्चों और अभिभावकों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया तथा सामूहिक प्रयासों से 300 सीड बॉल तैयार की गईं। इस पहल ने संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा करना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण रूप है।

डॉ. दीपीका हसीजा जी का मानना है कि मातृभूमि के प्रति सच्चा समर्पण उसकी धरती को हरा-भरा रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य बनाने में है। बच्चों के हाथों से उठाया गया यह छोटा कदम हरित, जागरूक और जिम्मेदार भारत के निर्माण की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

वहीं, राम पागारानी (Ram Paagarani) जी का मानना है कि, “देश की सेवा केवल बड़े कार्यों से नहीं, बल्कि अपनी धरती को हरा-भरा बनाने जैसे छोटे प्रयासों से भी होती है।”

यह पहल एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि प्रकृति की रक्षा करना भी राष्ट्रसेवा है। आज उठाया गया छोटा-सा कदम आने वाले कल को अधिक हरा-भरा और सुंदर बनाने में योगदान दे सकता है।


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